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केरल में मॉनसून ने दी दस्तक, 2009 के बाद पहली बार तय समय से पहले हुई बरसात की एंट्री

भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून 2025 ने केरल में सामान्य समय से छह से आठ दिन पहले दस्तक दी है — यह घटना 2009 के बाद सबसे जल्दी हुई है। दक्षिण‑पश्चिम मानसून के जल्दी आने से बारिश और कृषि पर सकारात्मक असर की उम्मीद है।

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HIGHLIGHTS

  1. केरल में मानसून समय से पहले आया
  2. यह 2009 के बाद सबसे जल्दी आगमन
  3. अगले दिनों भारी बारिश का अनुमान
  4. कृषि को लाभ मिलने की उम्मीद

देशभर के कई हिस्सों में इन दिनों तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है, हालांकि कुछ इलाकों में भीषण गर्मी भी जारी है. कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र में मौसम विभाग की ओर से बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है. वहीं अब IMD का कहना है कि साउथवेस्ट मॉनसून ने भारतीय उपमहाद्वीप में समय से पहले एंट्री ले ली है. 

केरल में समय से पहले मौसम की दस्तक


बता दें कि साल 2009 के बाद से पहली बार मॉनसून ने 23 मई यानी समय से पहले दस्तक दी है. पिछले कुछ हफ्तों से केरल में बारिश में काफी वृद्धि देखी गई है. मौसम विभाग केरल में िन 3 संकेतों के जरिए मॉनसून के आगमन की घोषणा करता है. पहले में लगातार 2 दिनों तक 14 मौसम केंद्रों पर कम से कम 2.5 मिमी की बारिश दर्ज की गई हो. दूसरा 600 हेक्टोपास्कल तक की गहरी पश्चिमी हवाएं चल रही हों और तीसरा आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन वैल्यू में 200 वाट प्रति वर्ग मीटर से नीचे की गिरावट हो. 

इस साल लंबी होगी बारिश 

मॉनसून का इतनी जल्दी दस्तक देना चार महीने लंबे बारिश के मौसम की शुरुआत का संकेत है, जो देशभर में खेती, जल संसाधन और आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मौसम विभाग ने केरल और माहे में सोमवार 26 मई 2025  तक 24 घंटों में 205 मिमी से भी ज्यादा भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक में भी इसी तरह का मौसम रहने  की संभावना जताई गई है. 

सामान्य से अधिक हो सकती है बारिश 

बता दें कि मौसम विभाग ने इस साल सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है. संभावना जताई गई है कि कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज ( LPA) 880 मिमी के 105 फीसदी के बराबर होगी. वहीं अल नीनो-दक्षिणी दोलन और हिंद महासागर द्विध्रुव नाम के ये दो प्रमुख महासागरीय प्रभाव वर्तमान में न्यूट्रल फेज में हैं. इस स्थिति में मॉनसून एक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. अनुमान लगाया जा रहा है कि दक्षिण प्रायद्वीपीय, पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत के बाकी इलाकों में 29 मई-4 जून 2025 तक मॉनसून एंट्री लेने वाला है. 

Suman Ghorui

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