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म्यूचुअल फंड से निवेशकों की दिलचस्पी ख़त्म हो रही है, लगातार पांचवें महीने निवेश में दर्ज की गई गिरावट

म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेश प्रवाह लगातार पांच महीनों तक घटते दिखाई दिए हैं, खासकर इक्विटी फंडों में निवेश मई 2025 में भी गिरावट के साथ ₹19,013 करोड़ रहा, जो अप्रैल से लगभग 22% कम है। यह संकेत देता है कि निवेशक सतर्क और सावधान हैं।

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HIGHLIGHTS

  1. मई में कुल ₹19,013 करोड़ निवेश हुआ
  2. गिरावट का कारण सतर्क निवेशक भावना
  3. गोल्ड ETFs में कुछ निवेश आकर्षण देखा गया
  4. SIP निवेश रुझान अलग दिशा में रहा (उभरा)

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश की गई राशि में 22 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, जो अप्रैल में 24,269 करोड़ रुपये से घटकर 19,013 करोड़ रुपये रह गई. 11 प्रकार के इक्विटी फंड में से, लार्ज-कैप फंड में 53 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई, मिड-कैप फंड में 15 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉल-कैप फंड में इसी दौरान 20 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली.

लगातार पांच महीने से गिरावट

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मई में भारतीय इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 13 महीने के निचले स्तर पर आ गया. यह लगातार पांचवां महीना था जब इन निवेशों में गिरावट आई है.

मई में लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड्स को 1,250 करोड़ रुपये का निवेश मिला, जो अप्रैल में 2,671 करोड़ रुपये से कम है. मिड-कैप फंड्स को मई में 2,808 करोड़ रुपये मिले, जो अप्रैल में 3,313 करोड़ रुपये से कम है. स्मॉल-कैप फंड्स में भी गिरावट देखी गई, मई में उन्हें 3,214 करोड़ रुपये मिले, जबकि पिछले महीने उन्हें 3,999 करोड़ रुपये मिले थे.

मई में फ्लेक्सी-कैप म्यूचुअल फंडों में सबसे अधिक निवेश आया, जिसमें 3,841 करोड़ रुपये आए. स्मॉल-कैप फंडों में निवेश की दूसरी सबसे बड़ी राशि थी.

इसी दौरान, तीन तरह के म्यूचुअल फंड में लोगों ने ज़्यादा निवेश करने के बजाय अपना पैसों को निकाल लिया. ये थे ईएलएसएस फंड, जिसमें 678 करोड़ रुपये निकाले गए, वैल्यू/कॉन्ट्रा फंड जिसमें 92 करोड़ रुपये निकाले गए, और डिविडेंड यील्ड फंड जिसमें 20 करोड़ रुपये निकाले गए.

मई में, डेब्ट म्यूचुअल फंड से लोगों ने 15,908 करोड़ रुपये निकाले, जो अप्रैल से एक बड़ा बदलाव है जब उन्हें निवेश में 2.19 लाख करोड़ रुपये मिले थे. सबसे ज़्यादा निकासी लिक्विड फंड से हुई, जिसने अप्रैल में 1.18 लाख करोड़ पाने के बाद मई में 40,205 करोड़ रुपये खो दिए. क्रेडिट रिस्क फंड से 247 करोड़ रुपये निकाले गए, और मीडियम ड्यूरेशन फंड से 47 करोड़ रुपये निकाले गए.

NFO का रहा ये हाल

मई में करीब 19 नई ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम (NFO) लॉन्च की गईं और इनसे कुल मिलाकर 4,170 करोड़ रुपये जुटाए गए. इस दौरान किसी नए क्लोज-एंडेड फंड की शुरुआत नहीं की गई. इसमें सबसे ज़्यादा योगदान सेक्टोरल और थीमैटिक फंड ने दिया, जिन्होंने कुल एनएफओ कलेक्शन में 1,792 करोड़ रुपये जुटाए. हालांकि ऐसे महज़ दो ही फंड लॉन्च किए गए.

Suman Ghorui

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